ISRO ने EOS-05 के साथ GSLV-F17 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया, भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग उपग्रह
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने **GSLV-F17** रॉकेट के माध्यम से **EOS-05** को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया, जो भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है, और यह देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।[1][2] यह मिशन सतिश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया और EOS-05 को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया गया, जहां से इसे उसके अंतिम जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में ले जाया जाएगा।[1][2] EOS-05 को भारतीय क्षेत्र की उच्च-रिज़ॉल्यूशन, निरंतर इमेजिंग प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो मौसम निगरानी, आपदा प्रबंधन, कृषि और शहरी नियोजन जैसे अनुप्रयोगों में सहायता करेगा।[1][2] उपग्रह के उन्नत इमेजिंग पेलोड भारत की स्वदेशी पृथ्वी-अवलोकन क्षमता को काफी बढ़ाने और विदेशी डेटा पर निर्भरता कम करने की उम्मीद है।[1][2] यह मिशन परिचालन जियोसिंक्रोनस प्रक्षेपणों के लिए ISRO के GSLV प्लेटफॉर्म को और प्रमाणित करता है, तथा PSLV और LVM3 बेड़ों का पूरक है।[1][2] सफल तैनाती EOS-05 डेटा पर आधारित वाणिज्यिक सेवाओं की संभावनाओं के साथ वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की स्थिति को भी मजबूत करती है।[1][2] यह प्रक्षेपण विभिन्न कक्षाओं में भारत के बढ़ते रिमोट सेंसिंग उपग्रहों के समूह में जुड़ता है, जिससे उपमहाद्वीप पर समयगत कवरेज बेहतर होती है।[1][2] ISRO ने इस मिशन को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप अगली पीढ़ी के इमेजिंग उपग्रहों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।[1][2]
प्रश्न हल करें
ISRO द्वारा GSLV-F17 से प्रक्षेपित EOS-05 मुख्य रूप से भारत की सतत इमेजिंग के लिए किस प्रकार की कक्षा में कार्य करता है?
उत्तर: (b) भूस्थिर/जियोसिंक्रोनस कक्षा
The correct answer is (b) भूस्थिर/जियोसिंक्रोनस कक्षा.