दिल्ली के सत्यानिकेतन पीजी भवन ढहने से उच्च-स्तरीय जांच और निलंबन
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्यानिकेतन में मरम्मत कार्य के दौरान एक बहुमंजिला लड़कों का पीजी भवन ढह गया, जिससे पिछले 24 घंटों में सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम पांच अन्य घायल हो गए।[1][5][12][13] 27 घंटे से अधिक चली बचाव कार्रवाई अब समाप्त हो चुकी है, और अधिकारियों ने मलबे से सभी फंसे हुए पीड़ितों को निकाल लिया है।[1][12] भवन मालिक, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, और लापरवाही के आरोप में दिल्ली नगर निगम (MCD) के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।[1][2][5] दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस घटना को “सबसे दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, MCD से उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया और स्पष्ट किया कि सरकार जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।[1][2][5] राजनीतिक प्रतिक्रिया में कांग्रेस और TMC सहित विपक्षी दलों ने कथित प्रणालीगत विफलताओं और पेइंग गेस्ट आवासों के ढीले विनियमन को लेकर BJP और “चार-इंजन सरकार” पर हमला बोला है।[1][5][10][15] इसके जवाब में दिल्ली सरकार पुराने सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों के लिए संरचनात्मक ऑडिट और सुरक्षा प्रमाणन को अनिवार्य बनाने की नीति तैयार कर रही है, ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।[5] इस घटना ने शहरी सुरक्षा मानकों, नागरिक निकायों की जवाबदेही और महानगरों में छात्र आवास के विनियमन पर व्यापक चर्चा भी छेड़ दी है।[1][5]
प्रश्न हल करें
दिल्ली के सत्यानिकेतन पीजी भवन ढहने की घटना मुख्य रूप से किस शासन निकाय से जुड़ी है, जिसे उच्च-स्तरीय जांच करने का आदेश दिया गया?
उत्तर: (b) दिल्ली नगर निगम
The correct answer is (b) दिल्ली नगर निगम.