कैबिनेट ने पांच राज्यों में रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को 10,783 करोड़ रुपये की मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को लगभग 10,783 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी है[1]. ये परियोजनाएं पांच राज्यों के 14 जिलों को कवर करेंगी, जिनका उद्देश्य व्यस्त रेल मार्गों पर क्षमता बढ़ाना तथा माल और यात्री आवागमन को बेहतर बनाना है[1]. मल्टीट्रैकिंग में आमतौर पर मौजूदा कॉरिडोर पर रेल लाइनों को दोगुना, तिगुना या चौगुना करना शामिल होता है, ताकि भीड़ कम हो और देरी घटे. यह मंजूरी आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क के प्रमुख चालक के रूप में रेल अवसंरचना पर जारी जोर को दर्शाती है. इन परियोजनाओं से निर्माण चरण के दौरान रोजगार सृजन और पूरा होने के बाद लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार की भी उम्मीद है. विशिष्ट कॉरिडोर और समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी संक्षिप्त सुर्खियों में पूरी तरह नहीं दी गई थी, लेकिन संभव है कि रेल मंत्रालय बाद की अधिसूचनाओं में इसे जारी करे[1].
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आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने हाल ही में लगभग कितनी लागत वाली तीन रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी?
उत्तर: (c) 10,783 करोड़ रुपये
The correct answer is (c) 10,783 करोड़ रुपये.